बिहार में बाढ़ से जल प्रलय, बिहार के 12 जिले में बाढ़ का कहर

बिहार में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों का दायरा निरंतर बढ़ता जा रहा है। उत्तर बिहार में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। बाढ़ ने राज्य के एक और जिले समस्तीपुर को अपनी चपेट में ले लिया है।

इस तरह अब राज्य के 12 जिलों के 101 प्रखंडों की 837 पंचायतें बाढ़ की चपेट में आ गई हैं। इससे 29.62 लाख से अधिक आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। वहीं विभिन्न जिलों में पानी में डूबने से 21 लोगों की मौत हो गई। प.चंपारण में 8, समस्तीपुर और दरभंगा में 3-3, सहरसा में 5 और गोपालगंज में दो लोग डूब गए।

इस बीच, भारी बारिश व वाल्मीकिनगर बराज से दो लाख अस्सी हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गोपालगंज जिले में मंगलवार को बाढ़ की स्थिति भयावह हो गई । गंडक के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। बैकुंठपुर व बरौली में सारण मुख्य तटबंध व गाइड तर्था रग बांध के कुल पंद्रह स्थानों पर टूट जाने से बाढ़ से भारी तबाही व बर्बादी मची हुई है।

लगातार नए इलाके बाढ़ की चपेट में आ रहे हैं। घरों के ध्वस्त होने का सिलसिला जारी है। अब तक पांच प्रखंडों के 284 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान सिधवलिया के 7 व बैकुंठपुर के 23 नए गांव बाढ़ की चपेट में आ गए।

आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्रुडु ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए जा रहे हैं। विभिन्न जिलों में 808 सामुदायिक किचेन चलाए जा रहे हैं। यहां रोज 4.19 लाख लोगों को भोजन कराया जा रहा है। 26 राहत शिविर लगाए गए हैं।

उधर, राज्य की दूसरी नदियों का जलस्तर तो कुछ नीचे आया है, लेकिन कोसी और गंडक के तेवर अभी बहुत कड़े हैं। नेपाल क्षेत्र में वर्षा होने के कारण दोनों नदियों का डिस्चार्ज भी बढ़ा है और जलस्तर भी। गंडक ने तीन जगहों पर जलस्तर का नया रिकार्ड बनाया है।

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